17 अक्टूबर, 2018 (बुधवार)

विरोधकृत् संवत्सर; सूर्य दक्षिणायन, दक्षिणगोल, शरद् ॠतु विक्रम संवत् 2075 :आश्‍विन शुक्लपक्ष तिथि :अष्टमी (12:50 तक) नक्षत्र :उ.षा. (21:28 तक) योग :सुकर्मा (08:45 तक) करण :बव (12:50 तक) बालव (26:10 तक) चन्द्रराशि :मकर व्रत-पर्वादि :दुर्गाष्टमी, महाष्टमी, सरस्वती बलिदान, महानवमी व्रत व पूजा, सूर्य की तुला संक्रान्ति (45 मुहूर्ती), रवियोग 21:28 से, सूर्य तुला में 18:44 […]

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अक्‍टूबर, 2018 के व्रत-पर्व

विजयादशमी (18-19 अक्टूबर, 2018) आश्‍विन शुक्ल दशमी विजयादशमी के नाम से जानी जाती है| भगवती के विजय नाम के कारण इसे ‘विजयादशमी’ कहा जाता है| यह भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान् राम ने रावण पर विजय प्राप्त की थी| इसी कारण आश्‍विन शुक्ल दशमी को विजयादशमी कहा जाता है| विजयादशमी नवरात्र पारण, […]

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धनकुबेरों की जन्मपत्रिका में धनयोग

प्रतिष्ठित फोर्ब्स पत्रिका विश्‍व के सर्वाधिक धनी व्यक्तियों की समय-समय पर सूची निकालती है| भारतीय स्तर पर भी सर्वाधिक धनी व्यक्तियों की सूची निकलती रहती है| इस सूची में जिनका नाम उच्च स्तर पर है, उनकी सम्पत्ति इतनी है, कि जिसकी कल्पना भी हमारे लिए बहुत बड़ी है| ये इतने धनी हैं कि इनके द्वारा […]

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जीवन जीने की कला सिखाते हैं श्री श्री रविशंकर

प्रकाशन तिथि : मार्च, 2010 ‘आर्ट ऑव लिविंग फाउण्डेशन’ के जनक श्री श्री रविशंकर वर्तमान में भारत ही नहीं, वरन् विश्‍वभर में अपने आध्यात्मिक प्रभाव से लाखों लोगों के जीवन को परिवर्तित कर चुके हैं| किसी भी मानवीय त्रासदी के पश्‍चात् उनकी मानसिक प्रगति के लिए वे वहॉं पहुँच ही जाते हैं| विशेष रूप से […]

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10 महादान

10 वस्तुएँ महादान के अन्तर्गत मानी गई हैं| इनका दान करने से पितृगणअत्यन्त संतुष्ट होते हैं| <strong>1. गौदान :</strong> गौदान को दस महादान में प्रमुख माना गया है| <strong>2. भूमिदान :</strong> भूमिदान के निमित्त यदि आप सक्षम हैं, तो किसी गरीब व्यक्ति को रहने हेतु थोड़ी भूमि का दान कर सकते हैं| इसके अतिरिक्त सामान्य […]

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अभिनव बिन्द्रा स्वर्णिम युग का आरम्भ है, अन्त नहीं

11 अगस्त, 2008 को बीजिंग में अभिनव की बन्दूक से निकलने वाली अन्तिम गोली ने न केवल अभिनव की किस्मत के द्वार को खटखटाया, वरन् भारतीय खेल जगत् की किस्मत भी उस आहट से जागती हुई प्रतीत हुई| वह गोली चली, तो बीजिंग में थी, परन्तु उसकी ध्वनि भारत में सुनाई दी| चारों ओर हर्ष […]

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