कब प्रभावी होती हैं जातक पर शैतानी शक्तियॉं?

किसी व्यक्ति की आत्मा अथवा शरीर पर किसी शैतानी शक्ति के हावी होने के बारे में आपने सुना होगा| यह अंधविश्‍वास है, कोरी कल्पना है अथवा सत्य? यह सिद्ध करने के लिए आज के विज्ञान ने भी भरपूर प्रयास किए हैं| कई अनुसंधानों एवं प्रयोगों से यह सिद्ध हो चुका है कि आत्मारूपी शक्ति का […]

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ऐसी स्थिति में प्राप्त होता है भाव का पूर्ण फल

किसी भी जन्मपत्रिका में भाव की सबलता भाव के पूर्ण फल प्रदान करती है, इसलिए फलादेश करते समय यह देखा जाता है कि कोई भाव कितना बली है? यदि कोई भाव जन्मपत्रिका में निर्बल हो, तो उस भाव के सम्बन्ध में शुभ परिणाम बहुत अल्प मात्रा में प्राप्त होते हैं, लेकिन यदि वही भाव बली […]

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एनिमेशन क्षेत्र में सफलता

हॉलीवुड और विश्‍व के अन्य सिनेमा के समान ही भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में भी एनिमेशन सिनेमा और सीरियल का निर्माण बहुतायत रूप से होने लगा है| पहले भारतीय सिनेमा एवं अन्य क्षेत्रों में यह छोटे स्तर पर ही था, लेकिन बड़े प्रोडक्शन हाउस के एनिमेशन फिल्मों के निर्माण में रुचि लेने के कारण अब […]

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कहीं आपकी जन्मपत्रिका में तो नहीं जेल जाने के योग?

प्रकाशन तिथि : 20 मई, 2009 जैसे ही मैंने सुना कि मनोहर को पुलिस पकड़ कर ले गई, तो मैं स्तब्ध रह गया| मुझे तो विश्‍वास ही नहीं हुआ| जो व्यक्ति एक चींटी को भी नहीं मार सकता, वह कैसे कोई अपराध कर सकता है| अपराध भी ऐसा, जो पुलिस पकड़ ले जाए| मनोहर मेरा […]

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ज्योतिष में मधुमेह रोग

‘मिह सेचने’ धातु से अच् प्रत्यय करने पर ‘मेह’ शब्द की निष्पत्ति होती है| ‘प्रकृष्टो मेह: यस्मिन् रोगे, स: प्रमेह |’ अर्थात् जिस रोग में मूत्र की अधिकता हो, उसे प्रमेह (Disease of Urine) कहते हैं| इसका प्रसिद्ध एवं सामान्य लक्षण है – ‘प्रभूताविलमूत्रता’ अर्थात् प्रमेह में मूत्र की मात्रा अधिक हो जाती है और […]

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जानिए पितृदोष को

पितृदोष अर्थात् ऐसा दोष जो पितरों से सम्बन्धित हो| यहॉं पितृ शब्द का अर्थ पिता नहीं होकर पूर्वजों से होता है| ये वह पूर्वज होते हैं, जो मोक्ष की प्राप्ति अथवा मुक्ति प्राप्त नहीं होने के कारण पितृलोक में विचरण करते रहते हैं और परिजनों से भी इनका एक विशेष मोह होता है| जब श्राद्ध […]

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जन्मपत्रिका से जानें पितृदोष

भारतीय संस्कृत वाङ्‌मय में विभिन्न लोकों का वर्णन किया गया है, इनमें से ही एक लोक है, पितृ लोक, जहॉं पर पितृगणों का निवास होता है| इस लोक में रहने वाले पितृगण मोक्ष की अवस्था में नहीं रहते हैं| ‘पितृ’ शब्द का यहॉं लौकिक अर्थ पिता न होकर पूर्वज होता है| ऐसे पूर्वज सूक्ष्म देह […]

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छिपकली से सम्बन्धित शकुन-अपशकुन

छिपकलियॉं दो प्रकार की होती हैं एक तो वह जो घरों में पायी जाती हैं और दूसरी वह जो बगीचों में पायी जाती हैं| इन्हें ‘गिरगिट’ कहते हैं| सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को लाल रंग की छिपकली से अपशकुन कम हानिकारक होते हैं और रविवार तथा मंगलवार को लाल रंग की छिपकली और शनिवार को […]

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क्या होता है, जब हो पितृदोष …

जब कोई जातक पितृदोष से पीड़ित होता है, तो उसके जीवन में सफलता के सभी रास्ते बंद हो जाते हैं| वह समझ ही नहीं पाता कि उसके जीवन में आखिर क्यों इतना बुरा समय चल रहा है? जन्मपत्रिका में अनुकूल दशाएँ होने पर भी एवं गोचर दशाएँ सकारात्मक होने पर भी उस व्यक्ति का समय […]

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इंजीनियर बनने के योग

अभियन्ता अर्थात् इंजीनियर का कार्य बहुत ही अद्भुत है| मानव जीवन को अधिकतम सुख पहुँचाना इन्जीनियर का प्रमुख लक्ष्य होता है, चाहे उसके लिए उन्हें प्रकृति से भी क्यों न लड़ना पड़े| मरुस्थल में सरोवर बनाना, पर्वतों पर भवन निर्माण, सड़क का जाल बिछाना, ग्रीष्म ॠतु की तपती गर्मी को ठण्डी हवा में बदल देना […]

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