कोरोना वायरस और ज्योतिष (भाग-3)

Corona in Astrology

इस लेख का प्रथम भाग ‘ज्योतिष सागर’ के अप्रैल अंक में तथा दूसरा भाग मई अंक में प्रकाशित हुआ है| उससे आगे यहॉं प्रस्तुत है|
कोविड-19 के सम्बन्ध में दिन-प्रतिदिन हमारी जानकारी समृद्ध हो रही है| वैज्ञानिकों का अब यह भी कहना है कि कोरोना वायरस जहॉं श्‍वसनतन्त्र एवं फेफड़ों को प्रमुख रूप से प्रभावित करता है, वहीं किडनी को प्रभावित कर परिसंचरण तन्त्र को भी गम्भीर रूप से हानि पहुँचाता है| इसी कारण हृदयाघात, सेप्टीसीमियॉं आदि रोग के कारण व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है| इस प्रकार इसमें मंगल एवं चन्द्रमा की भूमिका हो जाती है| हृदयाघात में सूर्य और शनि (हृदय का एकाएक बन्द होने के कारण) की तथा सेप्टीसीमियॉं में मंगल एवं लग्नस्थ ग्रह और लग्नेश (सम्पूर्ण रक्त में इंफेक्शन होने के कारण) की भूमिका भी सम्मिलित हो जाती है| यह संक्रामक रोग स्वयं उतना घातक नहीं है, जितना कि यह दूसरे अंगों को प्रभावित कर उन्हें निष्क्रिय बना देता है और रोगी की मृत्यु हो जाती है|
ज्योतिष की दृष्टि से यह भी देखा गया है कि लोगों की मृत्यु केवल मारक दशाओं के कारण हो गई और जन्मपत्रिका में कोविड के लक्षण नहीं हैं| इसलिए यह आवश्यक नहीं है कि जन्मपत्रिका में कोविड के योग हों, व्यक्ति मारक दशाओं के प्रभाव में हो और इस बीमारी का शिकार हो जाए तथा उसकी मृत्यु हो जाए| यह एक प्रकार से स्वाभाविक मृत्यु की भॉंति ही है|
उदाहरण-9
टॉम डेम्पेसी
जन्म दिनांक : 12 जनवरी, 1947
जन्म समय : 01:22 बजे
जन्म स्थान : मिलवॉंकी (विसकंमिन) अमेरिका
टॉम डेम्पेसी अमेरिकी प्रोफेशनल फुटबॉल खिलाड़ी थे, जो नेशनल फुटबॉल लीग में सन् 1969 से 1979 तक लगातार कई टीमों की ओर से खेले हैं| जन्मपत्रिका में खेलों का नैसर्गिक कारक मंगल तृतीय भाव में है और भाग्येश बुध के साथ युति बनाकर राजयोग कारक है| मंगल की भाग्य भाव एवं कर्मभाव पर दृष्टि है| योगकारक शनि निरयण भाव चलित में नवम भाव में आकर मंगल-बुध के साथ परस्पर दृष्टि सम्बन्ध बना श्रेष्ठ राजयोग निर्मित कर रहा है| फुटबॉल जैसे खेल में शनि का प्रभाव भी कॅरिअर या खेल से सम्बन्धित भाव-भावेश पर होना आवश्यक है| तृतीयेश लग्न में स्थित है| यह भी खेल की दृष्टि से अनुकूल है| आयेश सूर्य की राजयोग कारक ग्रहों से सम्बन्ध एक ओर तो एकादशेश को राजयोग कारक बनाता है, वहीं कॅरिअर के माध्यम से अच्छी आय की प्राप्ति करवाता है|
इनके दॉंये हाथ और पैर की अंगुलियॉं नहीं थीं| ये पिछले कुछ वर्षों से डेमेंशिया बीमारी से पीड़ित थे| इस बीमारी में व्यक्ति की सोचने, समझने, याद रखने और तर्क करने की शक्ति समाप्त हो जाती है| इस बीमारी की घोषणा उन्होंने जनवरी, 2013 में की थी|
जनवरी, 2012 से इनके मारकेश मंगल की अन्तर्दशा का आरम्भ शनि की महादशा में हुआ था| इसी अन्तर्दशा के दौरान अक्टूबर, 2012 से जनवरी, 2013 के मध्य केतु और शुक्र की प्रत्यन्तर्दशाओं में डेमेंशिया रोग डायग्नॉस हुआ होगा और मार्च, 2013 से जनवरी, 2014 में शनि में राहु की अन्तर्दशा में इसके प्रभाव में ये पूरी तरह आ गए|
नवम्बर, 2019 से ये बुध महादशा में बुध की अन्तर्दशा में राहु की प्रत्यन्तर्दशा के प्रभाव में थे| अन्तर्दशानाथ बुध भाग्येश-द्वादशेश होकर तृतीय भाव में यद्यपि राजयोगकारक है, परन्तु वृद्धावस्था में द्वादशेश की दशा स्वास्थ्य की दृष्टि से अनुकूल नहीं होती| डॉक्टरों-अस्पतालों के चक्कर लगवाती है और अस्पताल में भर्ती भी करवा देती है| प्रत्यन्तर्दशानाथ राहु अष्टम भाव में स्थित होकर प्रबल मारक प्रभाव रख रहा है, वहीं संक्रामक-घातक रोगों से आकस्मिक रूप से ग्रस्त होने का संकेत दे रहा है| इसी राहु की प्रत्यन्तर्दशा में ये कोविड-19 से ग्रस्त हुए और 4 अप्रैल, 2020 को इनका देहान्त हो गया|
उदाहरण-10
जन्म दिनांक : 30 मार्च, 1939
जन्म समय : 05:35 बजे
जन्म स्थान : पेरिस (फ्रांस)
रॉबर्ट हर्बिन फ्रांसीसी सॉकर प्लेयर थे| इनका 27 अप्रैल, 2020 को कोविड-19 के संक्रमण से देहान्त हो गया| उस समय ये राहु महादशा में राहु की अन्तर्दशा में सूर्य की प्रत्यन्तर्दशा के प्रभाव में थे| महादशानाथ-अन्तर्दशानाथ राहु अष्टम भाव में स्थित है, जो घातक एवं संक्रामक रोगों से आकस्मिक रूप से ग्रस्त होने का संकेत दे रहा है| प्रत्यन्तर्दशानाथ सूर्य षष्ठेश होकर रोगों से ग्रस्त करता है तथा दूसरे मारक प्रभाव रखने वाले ग्रह की अन्तर्दशा में होने पर मारक प्रभाव भी रखता है| वैसे नैसर्गिक रूप से भी राहु में सूर्य की अथवा सूर्य में राहु की दशा जातक के लिए स्वास्थ्य, कॅरिअर आदि की दृष्टि से अशुभ फलप्रद होती है|
उदाहरण -11
पैट्रिसिया बॉसवर्थ
जन्म दिनांक : 24 अप्रैल, 1933
जन्म समय : 21:00 बजे
जन्म स्थान : ऑकलैण्ड (कैलिफोर्निया) (यूएसए)
पैट्रिसिया अमेरिकी पत्रकार, जीवनी एवं संस्मरण लेखिका तथा अभिनेत्री थीं| साथ ही, वे कोलम्बिया यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ जर्नलिज्म में व्याख्याता भी रहीं| इनकी जन्मपत्रिका में आयेश बुध पंचम भाव में स्थित होकर स्वयं के भाव पर पूर्ण दृष्टि डाल रहा है, जो कि इनके लेखक एवं पत्रकार बनने के लिए उत्तरदायी है| कर्मेश एवं भाग्येश की युति श्रेष्ठ राजयोग बना रही है| उसके साथ शुक्र की युति मनोरंजन क्षेत्र में कॅरिअर बनवाती है|
दशम भाव में लग्नेश मंगल एवं पंचमेश गुरु के मध्य युति राजयोगकारक है| इसके फलस्वरूप इन्होंने कोलम्बिया यूनिवर्सिटी में भी पढ़ाया था|
पैट्रिसिया का देहान्त 2 अप्रैल, 2020 को कोविड-19 के कारण न्यूमोनिया एवं अन्य रोगों के चलते हो गया| वे उस दौरान शनि महादशा में राहु की अन्तर्दशा में शनि की प्रत्यन्तर्दशा के प्रभाव में थीं| अन्तर्दशानाथ राहु वायरल एवं घातक संक्रमण और आकस्मिकता का कारक है| वह चतुर्थ में बैठकर श्‍वसन तन्त्र एवं फेफड़ों आदि से सम्बन्धित रोग-संक्रमण का कारक बन रहा है| प्रत्यन्तर्दशानाथ शनि चतुर्थेश होकर तृतीय भाव में स्वराशिस्थ है| यह अष्टम से अष्टम भाव में होने के कारण अशुभ है| ज्योतिष का सिद्धान्त है कि जन्मपत्रिका में यदि शनि त्रिषडायेश या अष्टमेश होकर पापग्रह है, तो वह अन्य मारक प्रभाव रखने वाले ग्रहों- भावेशों से प्रबल मारक होकर मृत्यु देता है| यह न्यूमोनिया जैसे रोगों का भी प्रबल कारक होता है|
उदाहरण-12
जैक्स फ्रेमांटिअर
जन्म दिनांक : 08 मई, 1930
जन्म समय : 03:30 बजे
जन्म स्थान : पेरिस (फ्रांस)
फ्रांसीसी इतिहासकार, समाजविज्ञानी, पत्रकार एवं टेलीविजन प्रोड्‌यूसर-लेखक जैक्स फ्रेमांटिअर की जन्मपत्रिका में कर्मभाव पर बुध, शुक्र एवं गुरु का राजयोगकारक दृष्टिप्रभाव तथा आय भाव में शनि की उपस्थिति और उसका लग्न एवं पंचम पर दृष्टि प्रभाव उनके उक्त कॅरिअर क्षेत्र को संसूचित कर रहा है| लग्न पर चन्द्रमा एवं लग्नेश शनि की दृष्टि उन्हें दीर्घायु प्रदान कर रही है|
जेक्‌स की मृत्यु बुध महादशा में गुरु की अन्तर्दशा में तथा गुरु की ही प्रत्यन्तर्दशा में 7 अप्रैल, 2020 को कोरोना संक्रमण के कारण हुई| शारीरिक जटिलताओं के चलते हुई थी| जैक्‌स की जन्मपत्रिका में जहॉं महादशानाथ को अष्टमेश का दोष है, वहीं अन्तर्दशा-प्रत्यन्तर्दशानाथ गुरु मारकेश होकर चतुर्थ भाव में अतिशत्रु राशि में आत्मकारक होकर स्थित है| गुरु मंगल के नक्षत्र में है और मंगल मारक भाव द्वितीय में स्थित है| इस प्रकार गुरु प्रबल मारकेश होने के कारण मृत्यु का कारण बना और मृत्यु चतुर्थभाव से सम्बन्धित अंग फेफड़ों में संक्रमण से हुई| यहॉं मारकेश की दशा का प्रभाव अधिक है|
उदाहरण-13
टिम ब्रुक-टेलर
जन्म दिनांक : 17 जुलाई, 1940
जन्म समय : 11:00 बजे
जन्म स्थान : बक्सटन (इंग्लैण्ड)
अंग्रेजी हास्य अभिनेता टिम ब्रूक-टेलर ने केवल इंग्लैण्ड, वरन् ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैण्ड में भी समान रूप से लोकप्रिय थे| ये भी कोविड बीमारी का शिकार हो गए और 12 अप्रैल, 2020 को इनका देहान्त हो गया| जन्मपत्रिका में चतुर्थेश-सप्तमेश गुरु अष्टम भाव में नीच राशि के शनि के साथ युत होकर छाती, फेफड़े, उदर आदि रोगों के प्रति संवेदनशील बना रहा है|
टिम अपने अन्त समय में गुरु महादशा में राहु की अन्तर्दशा में सूर्य की प्रत्यन्तर्दशा के प्रभाव में थे| अन्तर्दशानाथ राहु वायरसजनित संक्रमण का कारक है, वहीं आकस्मिक रोग का भी कारक बन रहा है| लग्न में स्थित होकर राहु अधिक घातक बन रहा है| प्रत्यन्तर्दशानाथ सूर्य द्वादशेश होकर गुरु के नक्षत्र में एकादश भाव में है| इस प्रकार यह प्रत्यन्तर्दशा एक ओर जहॉं स्वास्थ्य समस्या और अस्पताल में भर्ती के लिए उत्तरदायी है, वहीं सप्तमेश गुरु जो अष्टमस्थ है, के नक्षत्र में होने के कारण मारक प्रभाव भी रखता है| वैसे भी द्वादशेश स्वयं भी मारक प्रभाव वाला माना जाता है| नैसर्गिक रूप से भी राहु में सूर्य की अन्तर्दशा तथा सूर्य में राहु की अन्तर्दशा आकस्मिक रोगकारक होती है| इस प्रकार योग एवं दशा के फलस्वरूप ये कोविड से ग्रस्त हो गए और इनकी मृत्यु हो गई|
उदाहरण-14
एलन अबेल
जन्म दिनांक : 06 दिस., 1928
जन्म समय : 20:18 बजे
जन्म स्थान : होबार्ट (इंडियाना, यूएस)
अमेरिकी संगीतज्ञ एवं शिक्षक एलन अबेल की 91 वर्ष की आयु में 25 अप्रैल, 2020 को कोविड बीमारी से मृत्यु हो गई| उस समय वे शुक्र महादशा में राहु की अन्तर्दशा में तथा केतु की प्रत्यन्तर्दशा के प्रभाव में थे| राहु और केतु की दशाएँ कोरोना संक्रमण की दृष्टि से अत्यन्त घातक होती हैं| एलन के सम्बन्ध में हम स्पष्ट रूप से देख रहे हैं| 5 अप्रैल को यह दशा आरम्भ हुई और 25 अप्रैल को एलन की मृत्यु हो गई| यह सही है कि उनकी आयु 91 वर्ष की थी, परन्तु उनकी कोई प्रबल मारकदशा नहीं थी, केवल कोरोना वायरस के संक्रमण से सम्बन्धित दशा थी और उसी ने वृद्धावस्था होने के कारण कमजोर हो चुके इम्यूनिटी सिस्टम (रोग प्रतिरोधक प्रणाली) को भेद कर अंगों को निष्क्रिय किया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई|•
ज्‍योतिष सागर, जून, 2020 में प्रकाशित