कैसा रहेगा मकर का शनि वृश्‍चिक राशि के लिए?

Saturn Transit
वृश्‍चिक राशि
(तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)

वृश्‍चिक राशि वालों के लिए शनि का मकर राशि में गोचर राहतकारी सिद्ध होना चाहिए, क्योंकि इसके साथ ही वे साढ़े सात वर्ष बाद शनि की साढ़ेसाती से मुक्त हो रहे हैं। सामान्यत: सभी क्षेत्रों में अनुकूल परिणाम प्राप्त होंगे। विशेष रूप से स्वयं के आत्मविश्‍वास, मनोबल एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी अनुकूलता विशेष रूप से दिखाई देगी।
स्वास्थ्य की दृष्टि से यह गोचरावधि शुभ फलप्रदायक है। स्वास्थ्य प्राय: अच्छा बना रहेगा। आत्मविश्‍वास, मनोबल, साहस एवं पराक्रम में वृद्धि होगी। यदि आप दीर्घावधि रोगों से ग्रस्त हैं, तो वे भी इस गोचरावधि में काफी हद तक नियन्त्रित रहेंगे।
पारिवारिक सुख की दृष्टि से यह गोचर सामान्यत: शुभ फलप्रद रहना चाहिए। विगत कुछ समय से जो गृहक्लेश की स्थितियॉं बनी हुई थीं, वे काफी हद तक दूर होनी चाहिए। भाई-बहिनों से सम्बन्धित कुछ चिन्ताएँ रह सकती हैं। घर में मांगलिक कार्य होने के योग बन रहे हैं। विवाह एवं सन्तान के इच्छुक व्यक्तियों की भी मनोकामना पूर्ण होने की सम्भावना है। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी।
धन-सम्पत्ति की दृष्टि से शनि की यह गोचरावधि आपके लिए अनुकूल फलप्रद रहनी चाहिए। आय के स्रोतों में जो बाधा उत्पन्न हो रही थी, वह दूर होनी चाहिए। नवीन आय के स्रोतों का भी सर्जन होगा और पूर्व में किए गए किसी धन निवेश से अच्छा धनलाभ प्राप्त होगा। विगत गोचरावधि में उधार आदि फँसने के कारण जो समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं, वे भी काफी हद तक दूर होंगी। खर्चों पर भी अंकुश लगेगा। अचल सम्पत्ति प्राप्ति के योग बन रहे हैं।
वृश्‍चिक राशि के नौकरीपेशा व्यक्तियों को अपेक्षित स्थान पर स्थानान्तरण जैसे शुभ फल प्राप्त होंगे। यदि आप पदोन्नति की प्रतीक्षा में हैं, तो वह प्रतीक्षा भी इस गोचरावधि में समाप्त हो सकती है। बेरोजगारों को भी रोजगार प्राप्त होने की सम्भावना बनेगी।
व्यवसायियों को व्यवसाय विस्तार के अवसर मिलेंगे। धनलाभ में वृद्धि होगी। साथ ही, साझेदारों आदि से भी पर्याप्त सहयोग प्राप्त होगा। धन निवेश की दृष्टि से भी समय उपयुक्त है। पूर्व में जो उधार आदि अटकी हुई थी, उसकी प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं।
अध्ययन की दृष्टि से समय सामान्यत: अनुकूल फलप्रद बना हुआ है। अध्ययन में बाधाएँ आदि समाप्त होंगी और भाग्य का भी सहारा मिलने लगेगा। आशानुरूप परीक्षा परिणाम प्राप्त होने के योग बन रहे हैं। प्रतियोगिता परीक्षार्थियों को भी शुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं।
राहतकारी उपाय : जन्मराशि से तृतीय भावस्थ शनि के गोचर के शुभ फलों में वृद्धि के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए :
1. सातमुखी रुद्राक्ष सोमवार अथवा किसी शुभमुहूर्त में गले में धारण करना चाहिए।
2. ‘ॐ शं शनैश्‍चराय नम:’ मन्त्र का नित्य जप करना चाहिए।
3. वृद्धों एवं रोगियों की सेवा करनी चाहिए।
4. भगवान् शिव की पूजा-उपासना करनी चाहिए। शिव जी के जलाभिषेक के बाद शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाएँ।
5. मांस-मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए।
6. सदाचरण एवं सद्व्यवहार करना चाहिए।