कैसा रहेगा मकर का शनि मेष राशि के लिए?

Saturn Transit
मेष राशि
(चू, चे, चो, ला, ली, लु, ले, लो, आ)

मेष राशि वालों के लिए शनि का मकर राशि में गोचर विगत गोचरावधि की तुलना में बेहतर रहना चाहिए। विगत गोचरावधि में जो बाधाएँ एवं समस्याएँ दिखाई दे रही थीं, वे कुछ हद तक दूर होनी चाहिए। हॉं, यह अवश्य है कि कॅरिअर एवं घरेलू मामलों में कुछ समस्याएँ रह सकती हैं।
स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचरावधि मिश्रित फलदायक है। यद्यपि स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई बड़ी समस्या दिखाई नहीं दे रही है, परन्तु इस गोचरावधि में हृदय एवं छाती से सम्बन्धित रोगियों को कुछ सावधान रहने की आवश्यकता है। शारीरिक एवं मानसिक परेशानी काफी हद तक दूर होगी और स्वास्थ्य प्राय: अच्छा बना रहेगा।
पारिवारिक सुख की दृष्टि से यह गोचरावधि बहुत अधिक अनुकूल नहीं है। गृहक्लेश आदि परेशान कर सकते हैं। माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी चिन्ता हो सकती है। पैतृक सम्पत्ति सम्बन्धी विवाद उभर सकते हैं। परिजनों से दूर रहने के अवसर बन सकते हैं। जीवनसाथी को लेकर कोई चिन्ता परेशान कर सकती है।
आर्थिक दृष्टि से शनि की यह गोचरावधि मिश्रित फलदायक रहनी चाहिए। अब खर्चों पर नियन्त्रण सम्भव होगा, दूसरी ओर आय के स्रोतों से भी नियमित आय प्राप्त होने की स्थितियॉं बनेंगी। हॉं, ॠणभार में कुछ हद तक कमी का अनुभव करेंगे। भूमि-भवन आदि में किए गए निवेश से विगत गोचरावधि की तुलना में बेहतर प्रतिफल प्राप्त होने की उम्मीद बनेगी। पैतृक सम्पत्ति को लेकर कुछ विवाद उत्पन्न हो सकते हैं।
कॅरिअर की दृष्टि से यह गोचरावधि मिश्रित फलदायक है। कार्यालय में अपेक्षानुरूप वातावरण न रहने से आप परेशान हो सकते हैं। अन्दरूनी राजनीति के कारण उच्चाधिकारी से विवाद अथवा तनाव रह सकता है। इस अवधि में दूसरों पर अधिक विश्‍वास न करें। नियमों एवं प्रक्रियाओं का पालन करें और कार्यों को समय पर करने का प्रयत्न करें। लक्ष्यों की प्राप्ति होना आवश्यक है। इस सम्बन्ध में लापरवाही हानिकारक हो सकती है।
व्यवसायियों के लिए यह गोचरावधि यद्यपि विगत गोचरावधि की तुलना में अनुकूल फलप्रद रहनी चाहिए, परन्तु अभी भी अपेक्षानुरूप व्यावसायिक प्रगति न होने के कारण मन परेशान रह सकता है। भाग्य का कुछ हद तक सहारा प्राप्त होगा, जिसके चलते कार्यों में आ रही बाधाएँ कुछ हद तक दूर होंगी। योजनाओं के क्रियान्वयन में धनाभाव के कारण परेशानी हो सकती है। इसके अतिरिक्त सरकारी निर्णयों से भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है।
शिक्षा एवं प्रतियोगिता की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए यह गोचरावधि अनुकूल फलप्रद रहनी चाहिए। कक्षा में आपके प्रदर्शन में सुधार होगा, मित्रों से अपेक्षित सहयोग प्राप्त होगा। अध्ययन में बाधाएँ उपस्थित हो सकती हैं। अध्यनेतर गतिविधियों में व्यस्तता के चलते अध्ययन सुचारू रह पाने में कठिनाई होगी। प्रतियोगिता परीक्षार्थियों की दृष्टि से समय बेहतर अवसर देने वाला है। नौकरी आदि लगने की सम्भावना रहेगी।
राहतकारी उपाय : जन्मराशि से दशमस्थ शनि का गोचर बहुत अधिक शुभफलदायक नहीं है, इसलिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए :
1. सातमुखी रुद्राक्ष सोमवार अथवा किसी शुभमुहूर्त में गले में धारण करना चाहिए।
2. ॐ शं शनैश्‍चराय नम:। मन्त्र का नित्य 108 बार जप करना चाहिए।
3. भगवान् शिव एवं हनूमान् जी की उपासना करनी चाहिए। सम्भव हो सके, तो हनूमान् चालीसा के साथ-साथ शिव चालीसा एवं शनि चालीसा का भी पाठ करना चाहिए।
4. पीपल के वृक्ष पर नित्य जल चढ़ाना चाहिए तथा शनिवार को वहॉं तेल का दीपक जलाना चाहिए।
5. प्रतिदिन माता-पिता एवं घर के बुजुर्ग सदस्यों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए।
6. रोगी एवं वृद्धों की सेवा करनी चाहिए।