कैसा रहेगा गुरु का राशि परिवर्तन मीन राशि के लिए?

Jupiter Transit गुरु का धनु राशि में गोचर

मीन
(दी, दू, थ, झ, भ, दे, दो, चा, ची)
मीन राशि वालों के लिए धनुराशि में गुरु का गोचर जन्मराशि से दशम भाव में रहेगा। दशम भाव में गुरु का गोचर सामान्यत: मध्यम फलप्रद रहना चाहिए। यद्यपि ग्रन्थों में इसे अशुभफलप्रद बताया गया है, परन्तु व्यवहार में यह बहुत अधिक अशुभफलदायक नहीं होता। इस अवधि में खानपान का ध्यान रखें और बीमारियों के सम्बन्ध में चैकअप कराएँ और डॉक्टरी सलाह के अनुसार चलें। पारिवारिक एवं सामाजिक क्षेत्र में दशमस्थ गुरु के फलस्वरूप प्राय: अच्छे फल नहीं मिलते। परिजनों से मतभेद रहते हैं। अनावश्यक वाद-विवाद होते हैं। घर की शान्ति भंग हो सकती है। घर अथवा परिजनों से दूर रहने की परिस्थितियॉं भी बन सकती हैं। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा की दृष्टि से भी यह गोचरावधि बहुत अनुकूल नहीं है। अपने आचरण एवं व्यवहार के सम्बन्ध में ध्यान रखने की अपेक्षा है। आर्थिक दृष्टि से भी समय अनुकूल नहीं रहेगा। आय में कमी तथा खर्चों में वृद्धि के कारण अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। सम्पत्ति सम्बन्धी विवाद परेशान कर सकते हैं। नौकरी एवं व्यवसाय की दृष्टि से गुरु का यह गोचर मिश्रित फलप्रद है। उच्चाधिकारियों से अच्छे सम्बन्ध बनाए रखने में कठिनाई का अनुभव होगा। सहकर्मियों से भी अपेक्षित सहयोग न मिलने से निराशा हो सकती है। व्यवसायियों के लिए व्यापार में अपेक्षित प्रगति न होने से तथा कतिपय आन्तरिक समस्याएँ उत्पन्न होने से परेशानी का अनुभव हो सकता है। सरकारी नियमों के कारण भी परेशानी हो सकती है।•