कैसा रहेगा गुरु का राशि परिवर्तन कर्क राशि के लिए?

Jupiter Transit गुरु का धनु राशि में गोचर

कर्क (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
कर्क राशि वालों के लिए गुरु का धनु राशि में गोचर उनकी जन्म राशि से षष्ठ भाव में रहेगा। षष्ठ भाव में गुरु का गोचर सामान्यत: शुभफलदायक नहीं माना जाता। इसके फलस्वरूप कार्यों में बाधाएँ, शत्रुजनित समस्या, मित्रों एवं परिजनों से वाद-विवाद एवं असहयोग, स्वास्थ्य सम्बन्धी प्रतिकूलता इत्यादि का सामना करना पड़ सकता है। पाचन एवं उत्सर्जन तन्त्र के अंगों से सम्बन्धित रोग होने की आशंका रहेगी। पीलिया, ज्वर एवं जल के दूषित होने आदि से सम्बन्धित बीमारियों के प्रति भी सावधान रहने की आवश्यकता है। पारिवारिक एवं सामाजिक दृष्टि से भी गुरु का षष्ठ भाव में गोचर अनुकूल फलप्रद नहीं है। इन दिनों गृहक्लेश की अधिकता रह सकती है। सामाजिक मान-प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है। अपमान या अपयश जैसी परिस्थितियॉं भी बन सकती हैं। इन दिनों शत्रुवर्ग में वृद्धि होगी और उसकी गतिविधियों में तीव्रता आ सकती है। मुकदमेबाजी आदि में वृद्धि हो सकती है। खर्चों में वृद्धि के कारण आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है। उच्चाधिकारियों एवं सहकर्मियों से अपेक्षित सहयोग की प्राप्ति सम्भव नहीं होगी। व्यवसाय में भी मन्दी एवं भुगतान प्राप्ति में कठिनाई का अनुभव हो सकता है। उधार आदि देने से बचना चाहिए।